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बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए लोगों को जागरूक करेंगे स्वास्थ्य प्रेरक

जगराओं: स्वस्थ भारत मिशन के तहत पंजाब में भी स्वास्थ्य प्रेरकों की तैनाती कर दी गई है। ये प्रेरक प्रशिक्षण लेने के बाद सेमिनार, रैलियों आदि के जरिए अन्य संगठनों को प्रशिक्षित करेंगे और राज्य में जागरुकता फैलाएंगे। अभियान का उद्देश्य कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषित करना है। अभियान के तहत उन परिवारों को पोषण का महत्व बताया जाएगा जिनके परिवारों में कुपोषित बच्चे है। अभियान के तहत सरकार का उदेश्य कुपोषित बच्चों की बढ़ती संख्या में कमी लाना है। देश में कुपोषित बच्चों की संख्या 38.4 प्रतिशत है। इसे वर्ष 2022 तक 25 प्रतिशत तक लाना है। इसके लिए महिला बाल विकास विभाग के साथ स्वास्थ्य विभाग व अन्य विभाग मिलकर काम करेंगे तो इस लक्ष्य को आसानी से पूरा किया जा सकता है। यह कहना है जिला महिला बाल विकास विभाग की प्रमुख रूपिंदर कौर का।
रूपिंदर कौर ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य छह वर्ष की उम्र तक के कुपोषित बच्चों को ठीक करना है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के माध्यम से 21 मॉडयूल जैसे कुपोषित बच्चे, कम वजन वाले, अनीमिया सहित अन्य पैरामीटरों को हर वर्ष 2 प्रतिशत कम करना है। इस प्रोजेक्ट को चलाने के लिए सरकार ने टाटा ट्रस्ट कंपनी के साथ एमओयू साइन किया। इसके लिए हर जिले में एक स्वस्थ भारत प्रेरक नियुक्त किया गया है।
रुपिंदर कौर ने बताया कि अभी तक सरकार की ओर से सूबे में चार स्वस्थ भारत प्रेरक लगाए गए है। ये जिला स्तर पर सीडीपीओ, आगनबाड़ी वर्करों, एएनएम वर्करों व हेल्पों को प्रशिक्षित करेंगे। ये स्वस्थ भारत प्रेरक मानसा, मुक्तसर, फरीदकोट और लुधियाना में स्वस्थ भारत प्रेरक नियुक्त हुए हैं। इस प्रोजेक्ट को लेकर पहली ट्रेनिंग लुधियाना में हुई। इसमें लुधियाना, मोगा और मानसा के सीडीपीओ व मेडिकल अफसर व ब्लॉक स्तर व सेक्टर के सदस्यों ने ट्रेनिंग ली। इसमें उनको सूबे में से कुपोषण को दूर करने के लिए 21 पैरामीटरों पर प्रशिक्षण दिया जिसमें ब्रेस्ट फीडिंग, माहवारी, अनीमिया व पौष्टिक आहार के बारे में जानकारी दी गई।
जिला महिला बाल विकास अधिकारी रूपिंदर कौर ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद आगनबाड़ी वर्कर गाव व शहर के घर-घर में जाकर पौष्टिक आहार लेने, अच्छी खुराक, प्रोटीन के बारे जानकारी देंगे। अनीमिया से पीड़ित महिलाओं को खून की कमी के कारण व लक्ष्ण के बारे में जागरूक करना है। इतना ही नहीं सभी लोगों को अपने मोबाइल फोन की रिंगटोन ‘सही पोषण देश रोशन नहीं रहे कहीं कुपोषण’ वाली लगानी है ताकि जो भी फोन टयून सुने वो इस प्रोजेक्ट से अवगत हो जाएं।
जिला लुधियाना के स्वस्थ भारत प्रेरक अवनीत सिंह का कहना है कि जिस तरह स्वच्छ भारत अभियान देश के घर-घर पहुंचा है और लोगों ने जागरूक होकर अपने आसपास साफ-सफाई रखनी शुरू कर दी है। उसी तरह अब सभी विभाग मिलकर पोषण अभियान प्रोजेक्ट को घर-घर प्रचार करेंगे ताकि आने वाले समय में हमारा देश कुपोषण मुक्त देश बन सके और हमारे देश के बच्चों का सर्वागीण विकास, स्वस्थ बच्चे, मानसिक व शारीरिक विकास हो सके। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट में सूबे की करीब 27 हजार आगनबाड़ी वर्कर, एएनएम वर्कर व सोसायटिया काम करेंगी जो गर्भवती महिला, उसकी गोद भराई व उसकी सही खुराक, इंजेक्शन व जांच का पूरा रिकार्ड कर स्वस्थ बच्चे को जन्म देकर कुपोषित के कलंक को दूर करेगी।




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