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तांत्रिको मियां जी के विज्ञापन छापने वाले अखबारों को खरीदना बंद कर दे इसी में समाज की भलाई है

लुधियाना: समाचार पत्र को देश का चौथा स्तम्भ कहा गया है जो लोग अपने देश से प्यार करते है कभी देश की जनता के लिए बूरा नहीं करेंगे। लेकिन ऐसे समाचार पत्र व लोग देश व समाज का क्या भला करेंगे जो खुद ही जनता को लुटवा रहे हों।
देश में बहुत सारे अख़बारों वाले जिनका धंधा अखबार छापकर नोट कमाने का है और यह लोग कई वर्षों से समाचार पत्र निकाल रहे हैं। इन समाचार पत्रों ने समाज में सुधार तो क्या करना था उल्टा आज हमारा समाज व देश इन लालची अखबार वालों की वजह से भ्रष्टाचार, बेईमानी, रिश्वतखोरी की भेंट चढ़ गया है।
कुछ समाचार पत्रों वाले यह जानते हुए कि जो विज्ञापन जैसे कि तांत्रिकों के, मियाँ जी कुछ मिनट में ही आपकी तक़दीर बदल देंगे आदि छापते हैं। समाज के कुछ पढ़े लिखे लोगों को पता है कि यह सब ढोंग है भोले भाले अनपढ़ लोगों को मुर्ख बनाकर उन्हें लूटा जाता है।
क्या इन समाचार पत्रों के मालिकों को नहीं पता कि वे तांत्रिकों के विज्ञापन छापकर देश की जनता से गद्दारी कर रहे हैं। अखबारों में विज्ञापन पढ़ कर भोले भाले मुसीबत में फंसे लोग ढोंगी मियां व तांत्रिको को हज़ारो रुपये देकर मुसीबत से निकलना चाहते है लेकिन फायदा कुछ नहीं होता। फिर यह मियां लोगो से ठगे हुए हज़ारो रूपये से अखबार में नये विज्ञापन देकर नया शिकार ढूंढ लेते। इस तरह तांत्रिको व मियां की जालसाज़ी से लुटे हुए रुपयों में अखबार वाले भी बराबर के हिस्सेदार व दोषी है।
शर्म आनी चाहिए इन लालची अख़बारों के मालिकों को जो अपना पेट भरने के लिए गलत व जनता को गुमराह करने वाले विज्ञापन छाप कर कर जनता को लूट रहे हैं।
यदि आप अपने समाज व देश से प्यार करते है तो तांत्रिको के मियां जी के विज्ञापन छापने वाले अखबारों को खरीदना बंद कर दे इसी में समाज की भलाई है।




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